गृह प्रवेश पूजा वह धार्मिक अनुष्ठान है जो नए घर में पहली बार प्रवेश करने से पहले किया जाता है। हिंदू धर्म में माना जाता है कि गृह प्रवेश पूजा करने से घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है तथा नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।
• नया घर बनने पर।
• नया मकान खरीदने पर।
• लंबे समय तक बंद रहने के बाद पुनः प्रवेश करने पर। गृह प्रवेश पूजा कब की जाती है ।
गृह प्रवेश पूजा का महत्व
• घर को पवित्र और शुभ बनाना।
• भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करना।
• परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करना।
• वास्तु दोषों को कम करना।
• नए जीवन की शुभ शुरुआत करना।
शुभ तिथि (मुहूर्त) के लिए किसी योग्य पंडित या पंचांग की सहायता ली जाती है।
गृह प्रवेश पूजा की मुख्य विधि
1. शुभ मुहूर्त में घर के मुख्य द्वार पर पूजा।
2. कलश स्थापना।
3. भगवान गणेश की पूजा।
4. नवग्रह एवं वास्तु पूजा।
5. हवन (यज्ञ)।
6. घर में दूध उबालना।
7. भगवान की आरती।
8. प्रसाद वितरण और भोजन।
पूजा सामग्री
• 2–5 तांबे/पीतल के कलश
• गंगाजल
• नारियल (5 या 11)
• आम के पत्ते
• मौली (कलावा)
• लाल वस्त्र
• अक्षत (साबुत चावल)
• सुपारी
• सिक्के
2. गणेश-लक्ष्मी पूजन सामग्री
• गणेश जी की मूर्ति/चित्र
• लक्ष्मी जी की मूर्ति/चित्र
• रोली
• कुमकुम
• हल्दी
• चंदन
• अक्षत
• पुष्प
• माला
• तुलसी दल
• दूर्वा (गणेश जी हेतु)
7. पूजन हेतु फल एवं प्रसाद
• केले
• सेब
• अनार
• संतरा
• नारियल
• मिठाई (1–2 किलो)
• बताशे
• मखाना
• पंचमेवा
8. दीप एवं आरती सामग्री
• घी के दीपक
• रुई की बत्ती
• कपूर
• धूप
• अगरबत्ती
• घंटी
9. गृह प्रवेश के लिए विशेष सामग्री
• दूध (उबालने हेतु)
• चावल
• हल्दी
• गुड़
• नई झाड़ू
• रंगोली के रंग
• बंदनवार
• फूल-माला
• स्वस्तिक बनाने की सामग्री
10. ब्राह्मण पूजन एवं दान सामग्री
• अंगोछा/वस्त्र
• दक्षिणा
• फल
• मिठाई
• अन्नदान सामग्री