नवग्रह शांति पूजा हिंदू धर्म की एक महत्वपूर्ण वैदिक पूजा है, जिसमें नौ ग्रहों (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु) की पूजा करके उनके अशुभ प्रभावों को कम करने तथा शुभ फलों की प्राप्ति की प्रार्थना की जाती है।
मान्यता है कि नवग्रह मानव जीवन, स्वास्थ्य, शिक्षा, विवाह, संतान, व्यवसाय और भाग्य को प्रभावित करते हैं। इसलिए ग्रहों की शांति हेतु यह पूजा कराई जाती है।
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नवग्रह कौन-कौन से हैं?
ग्रह देवता प्रभाव
सूर्य सूर्य देव आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा
चंद्र चंद्र देव मन, भावनाएँ
मंगल मंगल देव साहस, भूमि, ऊर्जा
बुध बुध देव बुद्धि, शिक्षा
गुरु बृहस्पति ज्ञान, धर्म, संतान
शुक्र शुक्राचार्य धन, सुख, वैभव
शनि शनि देव कर्म, न्याय
राहु छाया ग्रह अचानक परिवर्तन
केतु छाया ग्रह अध्यात्म, मोक्ष
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नवग्रह शांति पूजा कब कराई जाती है?
• कुंडली में ग्रह दोष होने पर
• शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के समय
• राहु-केतु दोष होने पर
• विवाह में बाधा आने पर
• संतान प्राप्ति में विलंब होने पर
• बार-बार रोग या आर्थिक हानि होने पर
• गृह प्रवेश से पहले
• नए व्यवसाय की शुरुआत से पहले
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पूजा की अवधि
• सामान्य नवग्रह पूजा: 1–2 घंटे
• नवग्रह पूजा एवं हवन: 2–3 घंटे
• विशेष नवग्रह शांति अनुष्ठान: 3–5 घंटे
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नवग्रह शांति पूजा सामग्री
स्थापना सामग्री
• चौकी
• लाल/पीला वस्त्र
• 9 कलश (या 1 मुख्य कलश)
• गंगाजल
• नारियल
• पीपल और आम के पत्ते
पूजन सामग्री
• रोली
• कुमकुम
• हल्दी
• चंदन
• अक्षत (चावल)
• मौली
• सुपारी
• पान
• लौंग
• इलायची
पुष्प सामग्री
• विभिन्न रंगों के फूल
• फूल माला
नैवेद्य
• फल
• मिठाई
• बताशे
• मिश्री
हवन सामग्री
• हवन कुंड
• हवन सामग्री
• घी
• जौ
• तिल
• कपूर
• आम की समिधा
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नवग्रहों के लिए विशेष अनाज
ग्रह अनाज
सूर्य गेहूँ
चंद्र चावल
मंगल मसूर दाल
बुध मूंग
गुरु चना
शुक्र सफेद चावल
शनि उड़द
राहु जौ
केतु तिल
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पूजा की विधि
1. संकल्प
यजमान अपना नाम, गोत्र और उद्देश्य बताकर संकल्प लेता है।
2. गणेश पूजन
सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा होती है।
3. कलश स्थापना
कलश में जल भरकर स्थापना की जाती है।
4. नवग्रह आवाहन
नौ ग्रहों का आह्वान किया जाता है।
5. नवग्रह पूजन
प्रत्येक ग्रह को पुष्प, अक्षत और नैवेद्य अर्पित किया जाता है।
6. मंत्र जाप
प्रत्येक ग्रह के वैदिक मंत्रों का जाप किया जाता है।
7. नवग्रह हवन
ग्रह मंत्रों के साथ हवन किया जाता है।
8. आरती
नवग्रहों और भगवान की आरती की जाती है।
9. प्रसाद वितरण
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नवग्रह शांति पूजा के लाभ
• ग्रह दोषों की शांति
• मानसिक शांति
• स्वास्थ्य लाभ
• विवाह में आने वाली बाधाओं का निवारण
• व्यापार एवं नौकरी में उन्नति
• पारिवारिक सुख-शांति
• आत्मविश्वास और सकारात्मकता में वृद्धि
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नवग्रह मंत्र (Navagraha Mantra)
1. सूर्य ग्रह मंत्र ☀️
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः॥
सरल मंत्र:
ॐ सूर्याय नमः॥
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2. चंद्र ग्रह मंत्र 🌙
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः॥
सरल मंत्र:
ॐ सोमाय नमः॥
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3. मंगल ग्रह मंत्र 🔴
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥
सरल मंत्र:
ॐ मंगलाय नमः॥
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4. बुध ग्रह मंत्र 🟢
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः॥
सरल मंत्र:
ॐ बुधाय नमः॥
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5. गुरु (बृहस्पति) ग्रह मंत्र 🟡
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः॥
सरल मंत्र:
ॐ बृहस्पतये नमः॥
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6. शुक्र ग्रह मंत्र ⚪
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः॥
सरल मंत्र:
ॐ शुक्राय नमः॥
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7. शनि ग्रह मंत्र ⚫
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः॥
सरल मंत्र:
ॐ शनैश्चराय नमः॥
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8. राहु ग्रह मंत्र 🌑
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः॥
सरल मंत्र:
ॐ राहवे नमः॥
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9. केतु ग्रह मंत्र ☄️
ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः॥
सरल मंत्र:
ॐ केतवे नमः॥
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नवग्रह शांति का संयुक्त मंत्र
ॐ आदित्याय च सोमाय मंगलाय बुधाय च।
गुरु शुक्र शनिभ्यश्च राहवे केतवे नमः॥
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नवग्रह गायत्री मंत्र
ॐ नवग्रहेभ्यो विद्महे।
दिव्यदेहाय धीमहि।
तन्नो ग्रहाः प्रचोदयात्॥